LR 17 : कोर्ट रीसीवर से हम क्या मदद ले सकते हैं ?कैसे?

यूट्यूब पर एक चैनल है Law Politics and Other things. इन्होंने आज एक विडिओ जारी किया है।

इस विडिओ का लिंक है https://www.youtube.com/watch?v=9c7jErPlQYE&feature=youtu.be&fbclid=IwAR35xYhKADb9QsdfY177Mal3kr4SDYyBZM9YUQq36dulPFkboHGtB4DA4hA

वैसे तो इसमे उन खरीददारों के बारे मे बात हो रही है जिनके मकान सुप्रीम कोर्ट के आदेश से NBCC ने बनाने शुरू कर दिए हैं , पर इस चर्चा से हमने अपने ला रेसीडेंसीया के फेज 2 और 3 के खरीददारों के काम की कुछ चीजें छान कर निकाल ली हैं और उन्हे आपके सामने रख रहा हूँ  जिसमे हमे कुछ बातों की जानकारी मिल रही है , जैसे

1.     कोर्ट रीसीवर से हम क्या मदद ले सकते हैं

2.     क्या कोर्ट रीसीवर हमारे वकील से बात करके कुछ जानकारी देंगे?

3.     क्या ऐसा कोई वकील है जो कोर्ट रीसीवर से बात करता है ?

4.     बैंकों ने अभी जो आम्रपाली के प्रोजेक्ट्स को फाइनैन्स करने के लिए धन पाया है वो कर्ज किसे दिया जाएगा

5.     पुराने अधूरे पड़े टॉवर्स पर दुबारा काम  शुरू करने के पहले NBCC उनकी strength  stability की जांच करेगा

अगर आपने वीडियो देख लिया तो मैं जो आगे कहने जा रहा हूँ उसमे कुछ सुधार या जोड़-घटाव हो तो बताइएगा

सबसे पहले तो मैंने पाया कि कोर्ट रीसीवर जिन्हे हम एक कोर्ट का प्रतिनिधि और जितना कोर्ट बोले उतना पालन करने वाला और अपने मन से कुछ भी नहीं करनेवाला एक Neutral व्यक्ति समझ रहे थे, असल मे ग्राहकों को आवश्यक जानकारी, स्पष्टीकरण ,आश्वासन आदि भी दे  रहे हैं  और ये नहीं कह रहे कि  ये मेरा काम नहीं है , जाओ कोर्ट से पूछो।

इस हालत मे जो चीजें हमारे साथी   नौटीयाल जी जो बातें लाहोटी जी से या उनके PA से करके उन्हे ला रेसीडेंसीया का point कब discuss होगा , इस बारे मे आग्रह कर रहे हैं, वह कोर्ट रीसीवर से भी किया जा सकता है । कोर्ट रीसीवर से यह साफ साफ पूछा जा सकता है कि ला रेसीडेंसीया से 632 फ्लैट अलग करने के बाद उसकी कहानी  खतम तो नहीं समझ ली  गई , क्योंकि 23-7-19 के आदेश मे कोर्ट ने खुद ही ला रेसीडेंसीया को आम्रपाली द्वारा ही बनाया हुआ और दिखावे के लिए अलग किया हुआ एक प्रोजेक्ट माना था ।

साथ ही कोर्ट रीसीवर से यह भी पूछा जा सकता है की अगर आम्रपाली के अलावा कोई दूसरा बिल्डर भी धोखाघड़ी कर रहा है तो क्या उसे इसलिए छोड़ दिया जाएगा की वो आम्रपाली से आलग है ? क्या उसके अधूरे प्रोजेक्ट्स को NBCC को नहीं दिया जाएगा ? क्या इसके लिए कोई नया केस दायर करना होगा , या अबतक दायर केस जो भी हैं, पर्याप्त हैं ?

अब सवाल ये है की कोर्ट रीसीवर से ये बात कौन वकील कर सकता है। विडिओ मे जो वकील दिख रहे हैं  वो तो निश्चित ही कर सकते हैं   है। उनका परिचय कुमार मिहिर, AOR, Supreme Court के रूप मे दिया है और उन्होंने बातों बातों मे बताया की वो भी अपना एक चैनल चलते हैं ।

इन दो सूत्रों के सहारे मैं आगे बढ़ा तो मुझे ये जानकारियाँ मिलीं :

AOR = Advocate on record

फिर मैंने गूगल से Supreme court के सभी AOR की list download की तो उसमे कुमार मिहिर जी के बारे मे ये जानकारी मिली ;

 जब मोबाईल नंबर 9871130450 मिल गया तो मैंने उनसे बात करने की कोशिश की .उन्होंने अनजान नंबर देखकर फोन नहीं उठाया । मैंने एक मैसेज छोड़ दिया है की मैं ऐसा ही एक विडिओ ला  रेसीडेंटिया के लिए बनाना चाहता हूँ। अपने सवाल मैं पहले भेज दूंगा, आपकी शर्तें क्या होंगी, सूचित करें ।

अगर उनकी ओर से जवाब नहीं आया तो अब तो मेरे पास इस केस से जुड़े सभी AOR  और उनके मोबाईल नम्बर आ गए हैं । कोशिश करता रहूँगा । अगर आप लोग भी कोशिश करना चाहें तो इन लिस्टों के लिंक्स इस प्रकार हैं :

आम्रपाली केस मे शामिल AOR की लिस्ट : https://main.sci.gov.in/supremecourt/2017/30157/30157_2017_4_301_17488_Order_14-Oct-2019.pdf  के पेज 20 से  24 तक पूरी लिस्ट

सभी AOR के नाम पते : https://main.sci.gov.in/pdf/other/aor_list_25092019.pdf 

Comments

Popular posts from this blog

LR 22 Why do I consider Tower-wise construction as illegal and unethical

LR 26 : Delay in delivery of reserved order is not a bad sign

LR 24 : How to oppose tower wise proposal in limited time during Supreme court hearing